Tuesday, November 30, 2010

दुआ

अगणित उपकार छे तारा ओ अल्लाह मारा,
सलामत राखजे सायो पीर नो सदाए मारा,

husain

हजारो सवालों नो एक ज जवाब हुसैन छे ।
ज्यारे न हतु कई अहि त्यार थी हुसैन छे .